हे गणपति दीनदयाल प्रभु हमें शरण लगा लो
हे गणपति दीनदयाल प्रभु हमें शरण लगा लो
हे गणपति दीनदयाल प्रभु
हमें शरण लगा लो तो जाने,
तुम देव मेरे, मैं दास तेरा,
मुझको अपना लो तो जाने।।
भक्तों ने तेरी पुकार करी,
आ नाव मेरी मझधार पड़ी,
मेरी इस भटकी नैया को,
उस पार लगा दो तो जाने,
हे गणपति दीनदयाल प्रभु।।
द्वारे पे सवाली जो आया,
मुँह माँगा वर उसने पाया,
मेरी भी बिगड़ी किस्मत को,
प्रभु आप बना दो तो जाने,
हे गणपति दीनदयाल प्रभु।।
तुम रिद्धि सिद्धि के दाता हो,
दुखियों के भाग्य विधाता हो,
‘राजेंद्र’ को जो निज चरणों से,
प्रभु आप लगा लो तो जाने,
हे गणपति दीनदयाल प्रभु।।
हे गणपति दीनदयाल प्रभु,
हमें शरण लगा लो तो जाने,
तुम देव मेरे, मैं दास तेरा,
मुझको अपना लो तो जाने।।
हमें शरण लगा लो तो जाने,
तुम देव मेरे, मैं दास तेरा,
मुझको अपना लो तो जाने।।
भक्तों ने तेरी पुकार करी,
आ नाव मेरी मझधार पड़ी,
मेरी इस भटकी नैया को,
उस पार लगा दो तो जाने,
हे गणपति दीनदयाल प्रभु।।
द्वारे पे सवाली जो आया,
मुँह माँगा वर उसने पाया,
मेरी भी बिगड़ी किस्मत को,
प्रभु आप बना दो तो जाने,
हे गणपति दीनदयाल प्रभु।।
तुम रिद्धि सिद्धि के दाता हो,
दुखियों के भाग्य विधाता हो,
‘राजेंद्र’ को जो निज चरणों से,
प्रभु आप लगा लो तो जाने,
हे गणपति दीनदयाल प्रभु।।
हे गणपति दीनदयाल प्रभु,
हमें शरण लगा लो तो जाने,
तुम देव मेरे, मैं दास तेरा,
मुझको अपना लो तो जाने।।
हे गणपति दीन दयाल प्रभु हमें शरण लगा लो तो जान Ganesh bhajan,song
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गणपति, वह गजानंद हैं, जिनके आगमन से भक्त का आंगन रिद्धि-सिद्धि और मंगल से भर जाता है। मूषक पर सवार, सिंहासन पर विराजमान गणराज की शोभा अपरंपार है, और उनकी कृपा से हर विघ्न दूर हो जाता है। भक्त लड्डुओं का भोग, पान, फूल और हार अर्पित कर उनकी पूजा करता है, यह विश्वास रखते हुए कि उनकी कृपादृष्टि से जीवन के सारे दुख मिट जाते हैं। गणेशजी की महिमा ऐसी है कि वे भक्तों के बेड़े को पार लगाते हैं, और उनकी उपस्थिति से हर कार्य निर्विघ्न और मंगलमय हो जाता है। यह भक्ति का वह पवित्र भाव है, जो भक्त के हृदय को आनंद और शांति से परिपूर्ण करता है।
किसी व्यक्ति के जीवन में जो समस्याएँ या इच्छाएँ होती हैं, वे उसी अनुरूप गणपति के उस रूप की ओर आकर्षित होते हैं जो उन्हें उनकी मनोकामनाओं की पूर्ति या संकटों के समाधान में मदद कर सके। इसके अलावा, पारिवारिक परंपराएं और सांस्कृतिक प्रभाव भी इस चुनाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कई परिवार सदियों से किसी विशेष रूप की पूजा करते आ रहे होते हैं, जिससे उस रूप के प्रति गहरा लगाव और श्रद्धा विकसित होती है। इसके साथ ही, गणपति के विभिन्न रूपों का अलग-अलग आध्यात्मिक और मानसिक प्रभाव होता है, जैसे बाल गणेश मासूमियत और आनंद का प्रतीक हैं, जबकि सिद्धिविनायक सफलता और समृद्धि के देवता माने जाते हैं। इसलिए, लोग अपनी आस्था, अनुभव और परंपरा के आधार पर गणपति के किसी एक रूप को विशेष रूप से पूजते हैं, जिससे उन्हें मानसिक शांति, आत्मबल और जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस होते हैं।
voice- Rajendra Soni lyrics-rajendra soni music- Rajendra soni
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Author - Saroj Jangir
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