श्री जम्भेश्वर भगवान जागण रो निवतो है

श्री जम्भेश्वर भगवान जागण रो निवतो है

श्री जांभेश्वर भगवान,
जागण रो निवतो है,
जी निवतो है,
म्हारे चार भुजा रो नाथ,
जागण रो निवतो है,
जी निवतो है।।

ब्रह्मा विष्णु महेश गायत्री,
उमा रमा सरस्वती सावित्री,
ऋद्धि सिद्धि लाइजो साथ,
जागण रो निवतो है,
जी निवतो है।।

राम लक्ष्मण और भरत शत्रुघ्न,
जनक दुलारी केसरी नंदन,
ऋषि मुनि लाइजो साथ,
जागण रो निवतो है,
जी निवतो है।।

कृष्ण हलधर आठों पटरानी,
गोपी ग्वाल पांडव पांचाली,
संग लाइजो कुंती मात,
जागण रो निवतो है,
जी निवतो है।।

कृपा कर सतगुरु जी आयजो,
सत शब्दां रो ध्यान लगायजो,
धरो शीश पर हाथ,
जागण रो निवतो है,
जी निवतो है।।

देवी देव सकल नर नारी,
सतरी संगत में आयजो भारी,
गायणाचार्य लाइजो साथ,
जागण रो निवतो है,
जी निवतो है।।

छोगाराम जांभेश्वर आवो,
भरी सभा में रंग बरसावो,
करो ज्ञान री बात,
जागण रो निवतो है,
जी निवतो है।।

श्री जांभेश्वर भगवान,
जागण रो निवतो है,
जी निवतो है,
म्हारे चार भुजा रो नाथ,
जागण रो निवतो है,
जी निवतो है।।


जागरण रो निवतो है म्हारा जम्भेश्वर भगवान || jambheshwar bhagwan jagran ro nivto h

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Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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