ओ कन्हैया कोई मुरली की तान सुना दे भजन
ओ कन्हैया कोई मुरली की तान सुना दे भजन
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन-मन में आग लगा दे, लगा दे...
मैं ही तो देखूँ साँवरिया,
देखे ना कोई दूजी नज़रियाँ,
मैं ही तो हूँ तेरी बावरिया,
मैं ही सुनूँ बस तेरी बाँसुरिया,
बंसी बजैया,
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन-मन में आग लगा दे, लगा दे...
गोकुल ढूँढा, तुझे मथुरा में ढूँढा,
छोड़ी ना कोई ऐसी नगरिया,
बंसी बजैया,
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन-मन में आग लगा दे, लगा दे...
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन-मन में आग लगा दे, लगा दे...
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन-मन में आग लगा दे, लगा दे...
मैं ही तो देखूँ साँवरिया,
देखे ना कोई दूजी नज़रियाँ,
मैं ही तो हूँ तेरी बावरिया,
मैं ही सुनूँ बस तेरी बाँसुरिया,
बंसी बजैया,
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन-मन में आग लगा दे, लगा दे...
गोकुल ढूँढा, तुझे मथुरा में ढूँढा,
छोड़ी ना कोई ऐसी नगरिया,
बंसी बजैया,
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन-मन में आग लगा दे, लगा दे...
कन्हैया ओ कन्हैया,
कोई मुरली की तान सुना दे,
मेरे तन-मन में आग लगा दे, लगा दे...
O Kanhaiya - Sanjeev Kumar - Raja Aur Runk.flv khattolia communication
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कन्हैया, तेरी मुरली की तान सुनने की तड़प दिल में ऐसी है कि तन-मन में प्रेम की अग्नि जल उठे। निगाहों में बस तू ही बसा है, और कोई दूसरा दिखाई ही नहीं देता। मन बावरा होकर बस तेरी बांसुरी की धुन में खो जाना चाहता है, हर ओर तेरी ही तलाश है। गोकुल से मथुरा तक हर जगह तुझे ढूंढा, लेकिन सुकून तो बस तेरी मुरली की तान में ही मिलता है। तेरी एक झलक, तेरी बांसुरी की मीठी धुन, जीवन को प्रेम और आनंद से भर देती है।
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Author - Saroj Jangir
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