जिस घर के आंगन में तेरी ज्योत निराली है भजन

जिस घर के आंगन में तेरी ज्योत निराली है भजन

(मुखड़ा)
जिस घर के आंगन में,
तेरी ज्योत निराली है,
हर रोज वहाँ होली,
हर रात दिवाली है,
जिस घर के आंगन में,
तेरी ज्योत निराली है।।

(अंतरा 1)
जिस घर में ऐ मैया,
तेरा नाम चहकता है,
उस घर का हर कोना,
खुशियों से महकता है,
उस घर पे मेहर करती,
मेरी माँ मेहरवाली है,
जिस घर के आंगन में,
तेरी ज्योत निराली है।।

(अंतरा 2)
दारिद्र भाग जाते,
दुख भागे डर कर के,
उस घर में नहीं आते,
दुख कभी भूलकर के,
शेरों पे जहाँ रहती,
मेरी माँ शेरांवाली है,
जिस घर के आंगन में,
तेरी ज्योत निराली है।।

(अंतरा 3)
कैसे भी अंधेरे हों,
ये ज्योत मिटाती है,
विश्वास जो करते हैं,
उन्हें राह दिखाती है,
पावन ज्योति माँ की,
जिसने भी जगाई है,
जिस घर के आंगन में,
तेरी ज्योत निराली है।।

(अंतरा 4)
‘बेधड़क’ कहे ‘लख्खा’,
ममता के चुन मोती,
घर मंदिर हो जाए,
श्रद्धा से जाग ज्योति,
खुशियों से भरेगी माँ,
जो तेरी झोली खाली है,
जिस घर के आंगन में,
तेरी ज्योत निराली है।।

(पुनरावृत्ति – मुखड़ा)
जिस घर के आंगन में,
तेरी ज्योत निराली है,
हर रोज वहाँ होली,
हर रात दिवाली है,
जिस घर के आंगन में,
तेरी ज्योत निराली है।।


Maa Jis Ghar Ke Anghan Mein Teri Jyot Nirali Hai Lakhbir Singh Lakha Live Bhajan...

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माँ की ज्योति का प्रकाश उस घर के आंगन में एक ऐसी दिव्यता लाता है, जो हर पल को उत्सवमय बना देता है, मानो हर दिन होली और हर रात दीवाली हो। यह ज्योति केवल एक दीपक की लौ नहीं, बल्कि माँ की ममता और कृपा का प्रतीक है, जो उस घर को खुशियों और समृद्धि से भर देती है। जिस घर में माँ का नाम गूंजता है, वहाँ हर कोना उनके प्रेम और मेहर से महक उठता है। यह भक्ति का वह स्वरूप है, जो माँ की उपस्थिति को हर भक्त के जीवन में एक अनंत आलोक बनाता है, जहाँ दारिद्र्य और दुख माँ की शक्ति के सामने ठहर नहीं पाते। माँ शेरावाली की यह कृपा भक्तों के लिए एक अटूट सहारा है, जो उनके जीवन को सदा सुख और शांति से आलोकित रखती है।

माँ की यह पावन ज्योति हर अंधेरे को मिटाने की शक्ति रखती है, और जो भक्त सच्चे विश्वास के साथ उनकी आराधना करता है, उसे जीवन का सही मार्ग दिखाई देता है। यह ज्योति भक्तों के हृदय में श्रद्धा और समर्पण की अलख जगाती है, जिससे उनका घर मंदिर बन जाता है। ‘लक्खा’ की यह पुकार कि माँ की ममता के मोती हर खाली झोली को खुशियों से भर देते हैं, उस अटल विश्वास को दर्शाती है कि माँ की कृपा से कोई भी कमी अधूरी नहीं रहती। यह भक्ति का वह भाव है, जो माँ की ज्योति को हर घर में प्रज्वलित करने की प्रेरणा देता है, और भक्तों को यह अहसास कराता है कि माँ का प्रेम ही उनके जीवन का सबसे बड़ा उत्सव है।
 
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

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