
भोले तेरी भक्ति का अपना ही
मान्यता है की पूर्ण में टमाटर को एक विषैली सब्जी माना जाता था लेकिन आज टमाटर हर रसोई में पाया जाता है, क्योंकि वर्तमान में टमाटर पर विभिन्न शोध हुए हैं और इसके गुणों के बारे में पता चला है। टमाटर (सोलेनम लाइको पोर्सिकान) को विश्व में सबसे ज्यादा खाद्य प्रदार्थ के रूप में उपयोग में लिया जाता है। विदेशों में इसे टॉपिंग और सलाद के साथ में और भारत में मुख्यतया सलाद और सब्जी में उपयोग में लिया जाता है। भारतीय रसोई सही मायने में टमाटर के बगैर अधूरी है।
टमाटर हर सब्जी में डाला जाता है और उसके स्वाद को बढ़ा देता है तथा साथ ही टमाटर को सब्जी में पकाने के बाद भी इसके विटामिन नष्ट नहीं होते हैं। टमाटर में मुख्यतया विटामिन A रेटिनॉल, विटामिन B3 नियासिन, B5 पेंटोथेनिक अम्ल, विटामिन C एस्कार्बिक एसिड और विटामिन K फिलोक्विनोन पाए जाते हैं। टमाटर में मुख्य रूप से सिट्रिक अम्ल (Citric acid) पाया जाता है। इसके अलावा टमाटर में 10 अन्य अम्ल भी पाये जाते हैं। टमाटर में कई प्रकार के खनिज तत्व उपस्थित होते हैं पर इसमें मुख्य रूप से भरपूर मात्रा में कैल्शियम, फास्फोरस व विटामिन सी पाया जाता हैं। एक चम्मच टमाटर में लगभग २ ग्राम फाइबर होता है और आप जानते ही हैं की फाइबर शरीर के लिए कितना महत्वपूर्ण होता है।
टमाटर के फायदे Benefits of Tomato Tamatar Khane Ke Fayde टमाटर के औषधीय गुण, टमाटर खाने के फायदे इस लेख में माध्यम से जानने की कोशिश करते हैं की टमाटर की औषधीय गुण कौनसे हैं और यह किस प्रकार से सेहत के लिए उपयोगी होता है।
कैंसर से बचाये टमाटर : टमाटर के औषधीय गुण कैंसर से लड़ने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। टमाटर में मौजूद एंटी ऑक्सीडेंट शरीर में किसी कारण उत्पन्न फ्री रेडिकल्स (मुक्त कण ) से लड़ते हैं और उन्हें समाप्त करते हैं। प्रॉस्टेट कैंसर, गला का कैंसर, पेट, स्तन कैंसर, कोलन आदि कैंसर की खतरे को कम कर देता हैं। टमाटर में मौजूद लाइकोपिन कैंसर की रोकथाम में अहम् भूमिका अदा करता है। डॉ. मृदुला चोपड़ा और उनके सहयोगियों ने (यूनिवर्सिटी ऑफ पोट्समाउथ) प्रयोगशाला में लाइकोपिन के प्रभावों को जांचा। लाइकोपिन से ही टमाटर को लाल रंग प्राप्त होता है। लाइकोपीन के अलावा टमाटर में टमाटर में नियासिन, विटामिन बी6 पोटैशियम और फॉलेट आदि विटामिन्स भी होते हैं।
जर्नल ऑफ सेलुलर फिजियोलॉजी में प्रकाशित रिसर्च के मुताबिक, पेट के कैंसर के इलाज के दौरान जब टमाटर के पूरे अर्क को इस्तेमाल किया गया तो देखा गया की कैंसर सेल्स की मुख्य प्रक्रिया बहुत अधिक प्रभावित हुयी। टमाटर कैंसर सेल्स की क्लोनिंग को रोकता है और उन्हें बढ़ने नहीं देता है। शोध में यह भी सामने आया की टमाटर के नियमित सेवन से सेल्स ट्रांसफर कम हो जाता है जो की कैंसर का कारन माना गया है।
यदि टमाटर का नियमित सेवन किया जाय तो कैंसर की रोकथाम हो सकती है। टमाटर में मौजूद लाइकोपीन नामक एक एंटी-ऑक्सीडेंट फेफड़े, पेट, ग्रीवा, मुँह, ग्रसनी, गले, अन्नप्रणाली, कोलन, गुदा और डिम्बग्रंथि के कैंसर जैसे अन्य कैंसर के जोखिम को भी कम कर सकता है।
टमाटर से भरपूर गुणों को प्राप्त करने के लिए २ से तीन टमाटर को अच्छे से धो कर मिक्सी में उसका ज्यूस बना लें और रोज एक गिलास टमाटर का ज्यूस पियें।
ब्लड शुगर को करें कम : टमाटर के सेवन से ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी सहायता मिलती है। इसके सेवन से ब्लड सर्क्युलेशन दुरुस्त होता है और रक्त संचरण भी सुधरता है। टमाटर में पाया जाने वाला क्रोमियम ब्लड शुगर को कण्ट्रोल करता है।
आँखों की रौशनी के लिए उपयोगी : रोज टमाटर के सेवन से आँखों की रौशनी बढ़ती है। इससे आखों की रौशनी बढ़ने के साथ साथ आँखों की चमक भी बढ़ती है तथा साथ ही रतोंधी और मोतियाबिंद का खतरा भी कम होता है। टमाटर में विटामिन A और C होता है जो आँखों के लिए लाभकारी होते हैं। टमाटर का ज्यूस बनाकर उसमे निम्बू मिलाकर आँखों के निचे डार्क सर्किल के निचे लगाने से कुछ ही रोज में डार्क सर्किल कम होने लगते हैं।
बालों के लिए टमाटर : नियमित टमाटर के सेवन से आपके बाल चमकदार और स्वस्थ बने रहते हैं। टमाटर में मौजूद विटामिन्स के कारण बाल कम झड़ते हैं। बालों का प्राकृतिक रंग बनाये रखने में टमाटर के सेवन लाभदायक होता है। रुसी को दूर करने के लिए बालों में टमाटर का पेस्ट बना कर लगाना लाभदायक होता है और बालों को नया जीवन मिलता है। टमाटर के बालों का ph बैलेंस रहता है। बालों में लगातार टमाटर का लेप नहीं लगाए क्यों की टमाटर में पाए जाने वाले अम्ल से बाल रूखे हो सकते हैं।
उच्च रक्तचाप को करें कम : टमाटर में ब्लड प्रेशर नियन्त्रिक करने के भी गुण विद्यमान रहते हैं। टमाटर में पाए जाने वाले पोटेशियम के कारण रक्तचाप नियंत्रित रहता है। टमाटर का ज्यूस बनाकर पिने से पोटेशियम की कमी दूर होती है जिससे हृदय सबंधी रोग दूर होते हैं।
छोटे बच्चों के विकास के लिए : टमाटर बच्चों को खिलाये जिससे उनका शारीरिक विकास हो सके। बच्चों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए टमाटर बहुत उपयोगी होता है। टमाटर के ज्यूस में काली मिर्च मिलाकर बच्चों को देने से पेट के कीड़े समाप्त होते हैं। यदि बच्चों को सूखा रोग हो जाए तो टमाटर का ज्यूस लाभदायद होता है। टमाटर के सूप या ज्यूस में गाजर का रस मिलाने से इसके गुण और अधिक बढ़ जाते हैं।
वजन घटाने के लिए टमाटर का उपयोग : टमाटर में वसा और कोलेस्ट्रॉल बहुत कम होते हैं जिससे इसके सेवन के कारन से वजन नहीं बढ़ता है और साथ जी इसमें पानी की मात्रा अधिक है जिससे इसके सेवन के बाद भूख कम लगती है। टमाटर में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर और विटमिंस होते हैं जो अतिरिक्त वसा को कम करने में लाभदायक होते हैं। टमाटर में कम कैलोरी होती है जिससे वजन में कमी आनी शुरू हो जाती है। टमाटर में विटामिन सी, बीटाकेरोटीन, लाइकोपीन, विटामिन ए व पोटेशियम प्रचूर मात्रा में पाया जाता है जिससे दिल की बीमारी का खतरा कम हो जाता है। अधिक फाइबर होने से भी वजन कम करने में सहायता मिलती है। लाइकोपीन, प्रोइन्फ्लमेटरी बायोमॉलीक्युल्स से सूजन कम होती है।
मुंह के छाले : टमाटर के सेवन से मुँह के छाले भी दूर होते हैं। टमाटर की तासीर ठंडी होती है जिससे पेट की गर्मी कम होती है। टमाटर के रस से दिन में दो से तीन बार कुल्ला करने पर मुँह के छालों में आराम मिलता है।
टमाटर का सेवन किसी भी रूप में किया जाय लाभदायक होता है। इसे सलाद के रूप में प्रयोग किया जा सकता है या फिर सब्जी में टमाटर को डाला जा सकता हैं। इसके साथ ही टमाटर क ज्यूस ज्यादा लाभदायी होता है। टमाटर का ज्यूस बनाना बहुत ही आसान है। ज्यूस बनाने के लिए दो से तीन टमाटर लें और अच्छे से धोने के बाद मिक्सी में इसका पेस्ट बना लें। पेस्ट तैयार होने के बाद एक कप पानी का मिला लेवे और बारीक कालीमिर्च पाउडर इसमें मिला लें। इस ज्यूस को आप सुबह खली पेट ले सकते हैं। चिकित्सक की सलाह के उपरांत इसमें शहद मिलाकर लेने से लाभ होता है।
एक दिन में कम से कम पांच टमाटरों का सेवन किया जाना चाहिए।
टमाटर के सेवन में सावधानियां :
टमाटर की नूरट्रिशनल वैल्यू: १०० ग्राम टमाटर में निम्न प्रकार से न्यूट्रिशनल वैल्यू (अनुमानित) होती है।
फाइबर टमाटर सर्दियों में खूब सस्ता मिलता है तो इसे सलाद में खाएं, ज्यूस बनाकर पिए, खूब खाएं और स्वस्थ रहे।
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Author - Saroj Jangir
दैनिक रोचक विषयों पर में 20 वर्षों के अनुभव के साथ, मैं इस ब्लॉग पर रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारियों और टिप्स यथा आयुर्वेद, हेल्थ, स्वास्थ्य टिप्स, पतंजलि आयुर्वेद, झंडू, डाबर, बैद्यनाथ, स्किन केयर आदि ओषधियों पर लेख लिखती हूँ, मेरे इस ब्लॉग पर। मेरे लेखों का उद्देश्य सामान्य जानकारियों को पाठकों तक पहुंचाना है। मैंने अपने करियर में कई विषयों पर गहन शोध और लेखन किया है, जिनमें जीवन शैली और सकारात्मक सोच के साथ वास्तु भी शामिल है....अधिक पढ़ें। |