जिस नैया के श्याम धणी हो खुद ही खेवनहार

जिस नैया के श्याम धणी हो खुद ही खेवनहार

जिस नैया के श्याम धणी हो,
खुद ही खेवनहार,
वो नैया पार ही समझो,
बिना पतवार ही समझो।।

तूफान में कश्ती चाहे,
हिचकोले खाए,
भंवर के थपेड़े चाहे,
जितना डराए,
जग का खेवनहारा थामे,
खुद जिसकी पतवार,
वो नैया पार ही समझो,
बिना पतवार ही समझो।।

माझी बनेगा जब ये,
सांवरा तुम्हारा,
मझधार में भी तुझको,
मिलेगा किनारा,
जिसका रक्षक बनकर बैठा,
लीला का असवार,
वो नैया पार ही समझो,
बिना पतवार ही समझो।।

हर्ष, तू जीवन की नैया,
इसको थमा दे,
इसके भरोसे प्यारे,
मौज तू उड़ा ले,
हाथ पकड़ ले जब ये तेरा,
फिर किसकी दरकार,
वो नैया पार ही समझो,
बिना पतवार ही समझो।।

जिस नैया के श्याम धणी हो,
खुद ही खेवनहार,
वो नैया पार ही समझो,
बिना पतवार ही समझो।।


नैया पार ही समझो | Jis Naiya Ke Shyam Dhani | Khatu Shyam Bhajan | Manoj Kumar Thathera | Top 10

ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 


यह भजन भी देखिये
Saroj Jangir Author Author - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर गणेश भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post