आधी रात में खनक गयो बैरी कंगना भजन
आधी रात में खनक गयो बैरी कंगना भजन
इन प्यासे पपीहे से लोचन को,
निज दर्शन स्वाति पिला जा जरा,
यह माया मरीचिका दूर हटा,
दृग-प्रेम का पाठ पढ़ा जा जरा,
नव नीरद भेष लिए मुरली,
इन नैनों के बीच समा जा जरा,
अरे निष्ठुर मोहन, आ जा जरा,
वह रूप अनूप दिखा जा जरा।
अजहूँ ना आए, हमारे मोहना,
आधी रात में, खनक गयो बैरी कंगना।
रात बिताऊँ, गिन-गिन तारे,
ऐसे निठुर भए, श्याम हमारे,
संग की सहेली, कोई भी संग ना,
आधी रात में, खनक गयो बैरी कंगना।
श्याम विरह में, तड़पी जाऊँ,
बिजली चमके, डर-डर जाऊँ,
श्याम बिना मेरो, सूना अंगना,
आधी रात में, खनक गयो बैरी कंगना।
जब से गए मोरे, सुधि भी ना लीनी,
ना जाने, सौतिन कर लीनी,
वर्षों गुजरे, अब आ जाओ ना,
आधी रात में, खनक गयो बैरी कंगना।
अजहूँ ना आए, हमारे मोहना,
आधी रात में, खनक गयो बैरी कंगना।
निज दर्शन स्वाति पिला जा जरा,
यह माया मरीचिका दूर हटा,
दृग-प्रेम का पाठ पढ़ा जा जरा,
नव नीरद भेष लिए मुरली,
इन नैनों के बीच समा जा जरा,
अरे निष्ठुर मोहन, आ जा जरा,
वह रूप अनूप दिखा जा जरा।
अजहूँ ना आए, हमारे मोहना,
आधी रात में, खनक गयो बैरी कंगना।
रात बिताऊँ, गिन-गिन तारे,
ऐसे निठुर भए, श्याम हमारे,
संग की सहेली, कोई भी संग ना,
आधी रात में, खनक गयो बैरी कंगना।
श्याम विरह में, तड़पी जाऊँ,
बिजली चमके, डर-डर जाऊँ,
श्याम बिना मेरो, सूना अंगना,
आधी रात में, खनक गयो बैरी कंगना।
जब से गए मोरे, सुधि भी ना लीनी,
ना जाने, सौतिन कर लीनी,
वर्षों गुजरे, अब आ जाओ ना,
आधी रात में, खनक गयो बैरी कंगना।
अजहूँ ना आए, हमारे मोहना,
आधी रात में, खनक गयो बैरी कंगना।
आधी रात में खनक गयो मेरो कंगना आप लोग पहली बार सुनेंगे इतना प्यारा भजन , Dhanvantri das ji new bhjn
ऐसे ही अन्य भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार भजनों को ढूंढें.
पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।
|
Author - Saroj Jangir
इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर हरियाणवी भजन भजनों का संग्रह । इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें। |
