दुनिया जलती है जलने दो खाओपियो ऐश भजन
दुनिया जलती है जलने दो खाओ पियो ऐश करो भजन
दुनिया जलती है, जलने दो,
खाओ-पियो, ऐश करो,
भगवान का भजन करो…
श्याम बागों में आया करो,
फूलवा तोड़ हम देंगे, तो माला बनाया करो।
दुनिया जलती है, जलने दो…
श्याम तारों पर आया करो,
साबुन-सर्फ हम देंगे, तुम कपड़ा धुलाया करो।
दुनिया जलती है, जलने दो…
श्याम कुओं पर आया करो,
रस्सी-बाल्टी हम देंगे, तुम गगरी भराया करो।
दुनिया जलती है, जलने दो…
श्याम गलियों में आया करो,
गोपियाँ बनेंगे हम, तुम रास रचाया करो।
दुनिया जलती है, जलने दो…
श्याम महलों में आया करो,
आटा-पानी हम देंगे, तुम रोटी बनाया करो।
दुनिया जलती है, जलने दो…
श्याम कीर्तन में आया करो,
माखन-मिश्री हम देंगे, तुम भोग लगाया करो।
दुनिया जलती है, जलने दो…
खाओ-पियो, ऐश करो,
भगवान का भजन करो…
श्याम बागों में आया करो,
फूलवा तोड़ हम देंगे, तो माला बनाया करो।
दुनिया जलती है, जलने दो…
श्याम तारों पर आया करो,
साबुन-सर्फ हम देंगे, तुम कपड़ा धुलाया करो।
दुनिया जलती है, जलने दो…
श्याम कुओं पर आया करो,
रस्सी-बाल्टी हम देंगे, तुम गगरी भराया करो।
दुनिया जलती है, जलने दो…
श्याम गलियों में आया करो,
गोपियाँ बनेंगे हम, तुम रास रचाया करो।
दुनिया जलती है, जलने दो…
श्याम महलों में आया करो,
आटा-पानी हम देंगे, तुम रोटी बनाया करो।
दुनिया जलती है, जलने दो…
श्याम कीर्तन में आया करो,
माखन-मिश्री हम देंगे, तुम भोग लगाया करो।
दुनिया जलती है, जलने दो…
।। खाओ पियो ऐश करो भगवान का भजन करो।। KHAO PIYO AISH KARO BHAGWAN KA BHAJAN KARO।।
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दुनिया क्या सोचती है, उसकी चिंता छोड़ दो—लोग जलते हैं तो जलने दो, तुम अपनी मस्ती, भक्ति और आनंद में मग्न रहो। कृष्ण (श्याम) को हर जगह—बागों, तारों, कुओं, गलियों, महलों और कीर्तन में—आमंत्रित किया गया है, और हर जगह उनके लिए प्रेमपूर्वक कुछ न कुछ अर्पित करने की इच्छा है। यहां गोपियों की तरह शरारती, आत्मीय और निश्छल भाव दिखते हैं—कहीं फूल तोड़कर माला बनाना, कहीं कपड़े धुलवाना, कहीं गगरी भरवाना, कहीं रास रचाना, कहीं रोटी बनवाना, और कहीं माखन-मिश्री का भोग लगाना। हर दृश्य में कृष्ण के साथ सहजता, अपनापन और प्रेम की सहज अभिव्यक्ति है।
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कौन लंका जला पाता अगर हनुमान न होते
गुरुदेव हे हमारे विपदा मेरी मिटा जा
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Author - Saroj Jangir
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