जोगी तेरे नाम के दीवाने हो गये बालकनाथ भजन
जोगी तेरे नाम के दीवाने हो गये बाबा बालकनाथ भजन
मस्ती में रंग मस्ताने हो गये,
जोगी तेरे नाम के दीवाने हो गये।।”
हर पल जपूं तेरा नाम जोगियां,
बिगड़े बनाए तूने काम जोगियां,
तेरे साथ जन्मों के याराने हो गये,
जोगी तेरे नाम के दीवाने हो गये।।”
तेरा ही दीदार हम पाएंगे,
सारे ही दुखों को भूल जाएंगे,
तुझे ही पूजते ज़माने हो गये,
जोगी तेरे नाम के दीवाने हो गये।।”
जो भी होगा अब जोगी देखा जाएगा,
तेरे चरणों में हमें चैन आएगा,
तेरे लिए सारे ही बेगाने हो गये,
जोगी तेरे नाम के दीवाने हो गये।।”
जोगी तेरे नाम के दीवाने हो गये।।”
हर पल जपूं तेरा नाम जोगियां,
बिगड़े बनाए तूने काम जोगियां,
तेरे साथ जन्मों के याराने हो गये,
जोगी तेरे नाम के दीवाने हो गये।।”
तेरा ही दीदार हम पाएंगे,
सारे ही दुखों को भूल जाएंगे,
तुझे ही पूजते ज़माने हो गये,
जोगी तेरे नाम के दीवाने हो गये।।”
जो भी होगा अब जोगी देखा जाएगा,
तेरे चरणों में हमें चैन आएगा,
तेरे लिए सारे ही बेगाने हो गये,
जोगी तेरे नाम के दीवाने हो गये।।”
TERE NAAM K DIWANE || SUKHWINDER RANA || NEW BALAKNATH JI BHAJAN
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प्रेम और भक्ति की गहराई में डूबे जीवन का वह रंग, जहाँ हर सांस में नाम-सुमिरन ही मस्ती बनकर बस जाता है। जब हृदय का हर कोना प्रिय के नाम से सराबोर होता है, तो हर समस्या हल्की हो जाती है, क्योंकि उस विश्वास में जन्मों का बंधन महसूस होता है। हर पल उसी प्रिय नाम का जाप करते रहना और उसकी ही छवि में खोए रहना, यही जीवन का सबसे आनंदमय स्वरूप बन जाता है—जैसे कोई जोगी अपने इष्ट में लीन हो जाए, सारे दुःख-दर्द स्वाभाविक रूप से भूल जाए। जीवन के उतार-चढ़ाव और दुनियावी दुःख-तकलीफ अब डराते नहीं, क्योंकि उस निर्भय प्रेम में आश्रय और चैन मिल जाता है। यही वह पारलौकिक दीवानगी है, जब "अपने" भी पराए लगने लगें और केवल नाम, साधना, और आत्मिक बंधन शेष रह जाए। यह समर्पण की अवस्था हर साधक को सहज आनंद, निर्भयता और प्रेम की निर्झरिणी में स्नान करवा देती है।
Music Label : BhaktiRasa Aashirwad
Singer : Sukhwinder Rana
Music : Vipin Bihari
Lyricist : Sanjeev Kumar
यह भजन भी देखिये
अमरनाथ दी अमर ज्योत नूं लख लख
सिद्ध जोगी के द्वारे सुबह शाम नचदे
प्रेम और भक्ति की गहराई में डूबे जीवन का वह रंग, जहाँ हर सांस में नाम-सुमिरन ही मस्ती बनकर बस जाता है। जब हृदय का हर कोना प्रिय के नाम से सराबोर होता है, तो हर समस्या हल्की हो जाती है, क्योंकि उस विश्वास में जन्मों का बंधन महसूस होता है। हर पल उसी प्रिय नाम का जाप करते रहना और उसकी ही छवि में खोए रहना, यही जीवन का सबसे आनंदमय स्वरूप बन जाता है—जैसे कोई जोगी अपने इष्ट में लीन हो जाए, सारे दुःख-दर्द स्वाभाविक रूप से भूल जाए। जीवन के उतार-चढ़ाव और दुनियावी दुःख-तकलीफ अब डराते नहीं, क्योंकि उस निर्भय प्रेम में आश्रय और चैन मिल जाता है। यही वह पारलौकिक दीवानगी है, जब "अपने" भी पराए लगने लगें और केवल नाम, साधना, और आत्मिक बंधन शेष रह जाए। यह समर्पण की अवस्था हर साधक को सहज आनंद, निर्भयता और प्रेम की निर्झरिणी में स्नान करवा देती है।
Music Label : BhaktiRasa Aashirwad
Singer : Sukhwinder Rana
Music : Vipin Bihari
Lyricist : Sanjeev Kumar
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सिद्ध जोगी के द्वारे सुबह शाम नचदे
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Admin - Saroj Jangir
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