उज्जैनी की नगरी में बाबा महाकाल है भजन

उज्जैनी की नगरी में बाबा महाकाल है भजन

उज्जैनी की नगरी में,
बाबा महाकाल है,
क्या गजब है इनका दरबार,
रोज सुबह शाम होता,
रूप श्रृंगार है,
भगत हैं आते दरबार।।

देखो क्या अजब से,
है गजब से यहां के नजारे हैं,
चल के पालकी में,
हाल सुनने भगतों के आते हैं,
चंद्रमौली रूप में भगतों से मिलने,
आते हैं बाबा महाकाल,
रोज सुबह शाम होता,
रूप श्रृंगार है,
भगत हैं आते दरबार।।

नैया बिन महाकाल के,
पार कैसे लग सकती है,
क्षिप्रा नदी भी यहां,
कल कल बहती ही रहती है,
सच्चा ये दरबार है,
लगती जय जयकार है,
बनती है बिगड़ी सभी की,
रोज सुबह शाम होता,
रूप श्रृंगार है,
भगत हैं आते दरबार।।

बाबा महाकाल के,
दर पे ही अब तो रहना है,
इस दर के सिवा अब,
नहीं दूजा कोई सहारा है,
तुम भी चल के देख लो,
इस दरबार को,
और लगाओ जयकारे,
रोज सुबह शाम होता,
रूप श्रृंगार है,
भगत हैं आते दरबार।।

उज्जैनी की नगरी में,
बाबा महाकाल है,
क्या गजब है इनका दरबार,
रोज सुबह शाम होता,
रूप श्रृंगार है,
भगत हैं आते दरबार।।



Dulha Bane Hai Baba | Official Video | दूल्हा बने है बाबा उज्जैन की नगरी में | Gajendra Pratap Singh

ऐसे ही मधुर भजनों के लिए आप होम पेज / गायक कलाकार के अनुसार सोंग्स को ढूंढें.
 

पसंदीदा गायकों के भजन खोजने के लिए यहाँ क्लिक करें।

 
Saroj Jangir Author Admin - Saroj Jangir

इस ब्लॉग पर आप पायेंगे मधुर और सुन्दर,हरियाणवी सोंग्स गढ़वाली सोंग्स लिरिक्स आध्यात्मिक भजन गुरु भजन, सतगुरु भजन का संग्रह। इस ब्लॉग का उद्देश्य आपको सुन्दर भजनों के बोल उपलब्ध करवाना है। आप इस ब्लॉग पर अपने पसंद के गायक और भजन केटेगरी के भजन खोज सकते हैं....अधिक पढ़ें

Next Post Previous Post