अपने दरबार में तू बुलाले शिव भजन
अपने दरबार में तू बुलाले शिव भजन
महाकाल बाबा उज्जैन वाले,
जीवन मेरा तेरे हवाले,
दर दर भटका पड़ गए छाले,
मुझको तू उज्जैन बुला ले,
मैं तो ना जाऊं किसी दर पे,
तू बुला ले, बुला ले, बुला ले तू बुला ले,
अपने दरबार में तू बुला ले,
तू बुला ले, बुला ले, बुला ले तू बुला ले,
अपने दरबार में तू बुला ले।।
सांचा दरबार है, कर लो दीदार है,
बिल्व पत्री तू आके चढ़ा दे,
तेरी झोली भरे, हाथ सिर पर धरे,
बात दिल की तू इनको सुना दे,
सब भक्तों का काम किया है,
किस्मत से भी ज़्यादा दिया है,
मैं तो ना जाऊं किसी दर पे,
तू बुला ले, बुला ले, बुला ले तू बुला ले,
अपने दरबार में तू बुला ले।।
ये दयावान हैं, ऐसे भगवान हैं,
तीनों लोकों में इन सा ना दानी,
देव के देव हैं, ये महादेव हैं,
इनकी ताकत को सबने है मानी,
इनके चरण का हो जा दीवाना,
मिल जाएगा तुझको ठिकाना,
मैं तो ना जाऊं किसी दर पे,
तू बुला ले, बुला ले, बुला ले तू बुला ले,
अपने दरबार में तू बुला ले।।
सुनो उज्जैन के वासी,
काट दो यम की अब फांसी,
तुम्हारा नाम गाता हूं,
तुम्हे हर पल मनाता हूं,
बैठ नंदी पर अब आओ,
साथ में गौरा को लाओ,
प्रेमी की झोलीया भरना,
आज देरी नहीं करना,
तू बुला ले, बुला ले, बुला ले तू बुला ले,
अपने दरबार में तू बुला ले।।
महाकाल बाबा उज्जैन वाले,
जीवन मेरा तेरे हवाले,
दर दर भटका पड़ गए छाले,
मुझको तू उज्जैन बुला ले,
मैं तो ना जाऊं किसी दर पे,
तू बुला ले, बुला ले, बुला ले तू बुला ले,
अपने दरबार में तू बुला ले,
तू बुला ले, बुला ले, बुला ले तू बुला ले,
अपने दरबार में तू बुला ले।।
जीवन मेरा तेरे हवाले,
दर दर भटका पड़ गए छाले,
मुझको तू उज्जैन बुला ले,
मैं तो ना जाऊं किसी दर पे,
तू बुला ले, बुला ले, बुला ले तू बुला ले,
अपने दरबार में तू बुला ले,
तू बुला ले, बुला ले, बुला ले तू बुला ले,
अपने दरबार में तू बुला ले।।
सांचा दरबार है, कर लो दीदार है,
बिल्व पत्री तू आके चढ़ा दे,
तेरी झोली भरे, हाथ सिर पर धरे,
बात दिल की तू इनको सुना दे,
सब भक्तों का काम किया है,
किस्मत से भी ज़्यादा दिया है,
मैं तो ना जाऊं किसी दर पे,
तू बुला ले, बुला ले, बुला ले तू बुला ले,
अपने दरबार में तू बुला ले।।
ये दयावान हैं, ऐसे भगवान हैं,
तीनों लोकों में इन सा ना दानी,
देव के देव हैं, ये महादेव हैं,
इनकी ताकत को सबने है मानी,
इनके चरण का हो जा दीवाना,
मिल जाएगा तुझको ठिकाना,
मैं तो ना जाऊं किसी दर पे,
तू बुला ले, बुला ले, बुला ले तू बुला ले,
अपने दरबार में तू बुला ले।।
सुनो उज्जैन के वासी,
काट दो यम की अब फांसी,
तुम्हारा नाम गाता हूं,
तुम्हे हर पल मनाता हूं,
बैठ नंदी पर अब आओ,
साथ में गौरा को लाओ,
प्रेमी की झोलीया भरना,
आज देरी नहीं करना,
तू बुला ले, बुला ले, बुला ले तू बुला ले,
अपने दरबार में तू बुला ले।।
महाकाल बाबा उज्जैन वाले,
जीवन मेरा तेरे हवाले,
दर दर भटका पड़ गए छाले,
मुझको तू उज्जैन बुला ले,
मैं तो ना जाऊं किसी दर पे,
तू बुला ले, बुला ले, बुला ले तू बुला ले,
अपने दरबार में तू बुला ले,
तू बुला ले, बुला ले, बुला ले तू बुला ले,
अपने दरबार में तू बुला ले।।
Mahakal Apne Dar pe Bulale | महाकाल अपने दर पे बुलाले | Shubham Prajapat | Shivratri 2023
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Author - Saroj Jangir
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