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बाबुगोशा क्या होता है ? What is Babugosha
कब्ज दूर करने और पाचन को दुरुस्त करने में है सहायक
एनर्जी से भरपूर
रोग प्रतिरोधक क्षमता के विकास के लिए बाबुगोशा के फायदे
बाबुगोशा में ढेरों पोषक तत्व पाए जाते हैं जिनके कारण से इसके सेवन से शरीर में रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है। यह हमारे इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। बाबुगोशा में में एंटी ऑक्सीडेंट और विटामिन सी की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जिसके कारण यहाँ शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को दुरुस्त करता है।हड्डियों के लिए गुणकारी है बब्बूगोशा
बब्बूगोशा को हड्डियों के लिए भी गुणकारी होती है। इसमें पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम होता है जिससे हड्डियां और जोड़ मजबूत बनती हैं। उम्र के साथ शरीर में पोषक तत्वों की कमी भी आने लगाती है क्योंकि शरीर उचित मात्रा में अवशोषित नहीं कर पाता है। बढाती उम्र में ऑस्टियोपोरोसिस और हड्डियों की कमजोरी आने लगती है। इसमें बोरॉन नामक रासायनिक तत्व होता है जो कैल्शियम लेवल को बनाये रखने में सहायक होता है।वजन कम करने के लिए बब्बूगोशा के फायदे
वजन बढ़ना एक ऐसी समस्या है जो लगभग हर दूसरे व्यक्ति को प्रभावित कर रही है। यदि आप भी इस समस्या से ग्रसित हैं, तो बब्बूगोशा का सेवन करना आपके लिए लाभकारी होगा। बब्बूगोशा में प्राकृतिक रूप से फाइबर्स होते हैं जो कब्ज को दूर करते हैं और अधिक भूख लगने को नियंत्रित करते हैं। बाबुगोशा के सेवन से आप बढ़ते वजन को भी नियंत्रित कर सकते हैं। बाबुगोशा फाइबर से भरपूर होता है। इसलिए इसका सेवन वजन को नियंत्रित करने में मदद करता है। फाइबर खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और भूख कम लगती है। इससे हम ज्यादा खाना खाने से बच सकते हैं और वजन को नियंत्रित रख सकते हैं। सुबह खाली पेट बब्बुगोशा खाने से लंबे समय तक भूख नहीं लगती है।इम्युनिटी बढ़ाने के लिए बब्बूगोशा के फायदे
बब्बूगोशा पौष्टिक होने के साथ ही शरीर में रोगों से लड़ने की शक्ति को बढ़ाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट गुण रोग-प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं। बब्बूगोशा का फल एनर्जी को बूस्ट करता है और शरीर की थकावट को भी दूर करता है। बब्बुगोशा एक बेहतरीन स्रोत है जो शरीर की इम्यूनिटी को बढ़ाने में मदद करता है । इसमें विटामिन सी की अच्छी मात्रा होती है जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करता है। यह हमें स्वस्थ रखकर बीमारियों से जल्दी से बचने में मदद करता है।एनीमिया में लाभकारी होता है बाबुगोशा
बब्बूगोशा में आयरन पाया जाता है और आयरन शरीर के पोषण के लिए आवश्यक होता है । बब्बुगोशा के नियमित सेवन से जो लोग एनीमिया से पीड़ित हैं, उनकी आयरन की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है। इसलिए, यदि आपको एनीमिया है, तो आप बब्बुगोशा को अपने आहार में शामिल करें। इसके अलावा, बब्बूगोशा में विटामिन सी की भी अच्छी मात्रा होती है, जो आयरन को अधिक आसानी से शरीर में अवशोषित करने में मदद करता है। इसलिए, बब्बूगोशा आपके शरीर को स्वस्थ रखने और आयरन की कमी को दूर करने में सहायक होता है। इसमें प्रचुर मात्रा में आयरन पाया जाता है, जो हीमोग्लोबिन के स्तर को बढ़ाता है और एनीमिया विकार में लाभदाई होता है।
बाबुगोशा के अन्य फायदे/लाभ Other Benefits/Advantages of Babugosha in Hindi
हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद (Babbugosha Good for Heart)
Nashpati & Babugosha - Benefits & Difference | By Dr। Bimal Chhajer | Saaol
पोषक तत्वों से भरपूर है बाबुगोशा (Babbugosha Nutrition)
एंटी इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर
बब्बूगोशा में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। सुबह खाली पेट बब्बूगोशा खाने से इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर में आसानी से अवशोषित हो जाते हैं और फिर शरीर में इनका कार्य शुरू हो जाता है। एंटीऑक्सीडेंट शरीर को फ्री रेडिकल्स के द्वारा होने वाले क्षति से बचाते हैं और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण सूजन को कम करने में सहायक होते हैं।नाशपाती या बाबुगोशा कौन सा बेहतर है?
नाशपति और बाबुगोशा दोनों ही नाशपाती की किस्में हैं। नाशपति (Nashpati) को इंग्लिश में 'Asian Pear' या 'Pear' के नाम से भी जाना जाता है। नाशपाती की तुलना में बब्बुगोशा अधिक स्वादिष्ट माना जाता है क्योंकि इसका छिलका नर्म होता है और इसका स्वाद भी मीठा होता है। बाबुगोशा, पीयर की प्रजाति होती है जो हल्की मिठास वाला फल है जिसमें फाइबरस युक्त होता है। ये महत्वपूर्ण एंटीऑक्सीडेंट्स, फ्लेवोनॉयड्स से भरपूर होता है । इन्हें छोटे बगीचे में उगाया जा सकता है, जिसके कारण ये उद्यानों के लिए यह फल एक अच्छा विकल्प हैं। भारतीय नाशपती का वैज्ञानिक नाम "पायरस कम्यूनिस" है और इसे "रोजेसी" परिवार से सम्बन्धित किया जाता है। नाशपाती और बाबुगोशा के बीच का अंतर है कि नाशपाती में मिठा और खट्टा स्वाद होता है, जबकि बाबुगोशा फल में केवल मिठास होती है। नाशपाती और बाबुगोशा दोनों ही पेयर/पीयर की प्रजातियां हैं।क्या बाबुगोशा के सेवन से पाचन तंत्र मजबूत बनता है ?
बाबुगोशा पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और कोलन को साफ़ करने में मदद कर सकता है, इसकी वजह इसमें मौजूद उच्च फाइबर होता है। यह मलत्याग को सुगम बनाता है और मल को अधिक सख्त नहीं होने देता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर होते हैं। बाबुगोशा फल में 3। 1 ग्राम तक फाइबर हो सकता है।कैसे करें बाबुगोशा का सेवन ?
आप इस फल को धोकर इसे काटकर सीधे ही खा सकते हैं या फिर आप इसका रस निकालकर भी इसका सेवन कर सकते हैं। वैसे इसे सीधे खाना अधिक लाभकारी होता है। इसे काटकर आप इसे काला नमक और कालीमिर्च के पाउडर के साथ इसका सेवन कर सकते हैं। आप इसका रस निकालने के लिए निम्न तरीका अपनाएँ -क्या बब्बूगोशा मधुमेह में लाभकारी होता है ?
बाबुगोशा मधुमेह रोगियों के लिए बहुत प्रभावी फल है। यह एक मिठे स्वाद और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाला फल है। यह स्वस्थ और मधुमेह रोगियों के रक्त शर्करा स्तर को कम करने में मदद कर सकता है। इसमें मिठास होती है, लेकिन यह आपके मधुमेह बढ़ाता नहीं है । यह सामान्य और स्वस्थ लोगों के लिए सुरक्षित माना जाता है।क्या बब्बूगोशा रक्तचाप को नियंत्रित करता है ?
एक मध्यम आकार का बाबुगोशा में 116 मिलीग्राम पोटेशियम होता है। पोटेशियम हृदयघात को नियंत्रित करने और मांसपेशियों के सही कार्य के लिए उत्तम होता है। इसके अलावा, इसमें एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-कार्सिनोजेनिक गुण होते हैं जो रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं। सामान्य रक्तचाप कई विभिन्न हृदयरोगों, जैसे कि मधुमेह, निम्न रक्तचाप और उच्च रक्तचाप, से बचाने में मदद कर सकता है।क्या बाबुगोशा के सेवन से बुखार में आराम मिलता है ?
पारंपरिक आयुर्वेदिक चिकित्सा में, बब्बूगोशा बुखार के घरेलू उपचार के रूप में उपयोग किया जाता है। बुखार के समय बब्बूगोशा के सेवन से बुखार में सुधार होता है।बाबुगोशा की तासीर क्या होती है ?
बाबुगोशा की तासीर ठंडी होती है। अतः कफ प्रधान व्यक्तियों को इसका अधिक सेवन नहीं करना चाहिए।क्या डायबिटिक बाबुगोशा खा सकते हैं?
बाबुगोशा, एक मीठा स्वाद वाला फल, जिसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (शुगर लेवल) कम होता है, रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। यह एक विशेष गुण है कि इसका सेवन स्वस्थ व्यक्ति और मधुमेह (डायबिटीज) रोगी दोनों के लिए उपयोगी हो सकता है, क्योंकि यह रक्त शर्करा के स्तर को कम करने में मदद कर सकता है। बब्बूगोशा में एंटी-डायबिटिक गुण होते हैं फिर भी मधुमेह से ग्रसित व्यक्ति को इसके सेवन से पूर्व वैद्य की सलाह अवश्य ही प्राप्त कर लेनी चाहिए।क्या बाबुगोशा के सेवन से वजन को घटाया जा सकता है ?
फलों में बाबुगोशा के और भी कई लाभ हैं। प्राकृतिक रूप से कम वसा वाले भोजन के रूप में, बाबुगोशा फल को वजन घटाने के आहार के रूप में अधिक कारगर है। वसा के कम होने के अलावा, बाबुगोशा फल वजन घटाने में लाभकारी होता है।बाबुगोशा के सेवन में सावधानियां Caution in Using Fruit Babugosha
बाबूगोशा एक प्राकृतिक फल है, इसलिए इसके कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं होते हैं, फिर भी आप चिकित्सक की सलाह के उपरान्त ही इसका सेवन करें। मधुमेह से ग्रसित व्यक्ति को इसका सेवन चकित्सक की सलाह के उपरान्त ही करना चाहिए।विटामिन, मिनरल, फोलेट एसिड और आयरन से भरपूर बबूगोशा का फल गर्भावस्था के दौरान महत्पूर्ण पोषण का स्त्रोत होता है।क्या प्रेगनेंसी के दौरान बबूगोशा खा सकते हैं?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की तरफ से जारी गर्भवती के आहार सूचि के अनुसार आप गर्भावस्था में नाशपाती और बबूगोशा का सेवन कर सकती हैं। फिर भी सलाह है की डॉक्टर के सुझाए फ़ूड प्लान का अनुसरण करें।